
करण अग्रवाल ऑनलाइन सट्टा मामला : राजनीति और कारोबार के कई बड़े नामों पर उठ रहे सवाल
ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा किंग करन अग्रवाल उर्फ करन चौधरी मामले में रायगढ़ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। गोवा और कोलकाता जैसे दूसरे राज्यों से अब तक दो दर्जन से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस बीच, सटोरियों के अचानक आत्मसमर्पण और सफेदपोशों के सियासी कनेक्शन ने इस पूरे मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है।
सटोरियों के आत्मसमर्पण पर खड़े हुए कई गंभीर सवाल
करन चौधरी की गिरफ्तारी के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि शहर के कई बड़े रसूखदार बेनकाब होंगे। इसी बीच कुछ सटोरियों द्वारा पुलिस के सामने अचानक किए गए आत्मसमर्पण को लेकर कानून के जानकार सवाल उठा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यह पुलिस की मुख्य जांच को भटकाने और सिंडिकेट के असली आकाओं तक पहुंचने से रोकने की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है। यदि निष्पक्ष जांच आगे बढ़ती है, तो समाज के कुछ तथाकथित रसूखदार, सामाजिक ठेकेदार और बड़े व्यापारियों के नाम सामने आ सकते हैं।
नेताओं से पार्टनरशिप और पोस्टर पॉलिटिक्स की चर्चा तेज
इस हाई-प्रोफाइल सट्टा कांड के तार राजनीति से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। चर्चा है कि करन अग्रवाल के संबंध प्रदेश की दोनों प्रमुख पार्टियों के कुछ रसूखदार युवा नेताओं से रहे हैं। कुछ महीने पहले शहर में लगे पोस्टर-बैनर भी इस बात की तस्दीक करते हैं। अंदरूनी सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि कुछ राजनेता इस काले कारोबार में सीधे तौर पर व्यावसायिक पार्टनर भी रहे हैं।
- कार्रवाई का दायरा: गोवा, कोलकाता और अन्य राज्यों तक फैले सिंडिकेट से 24 से ज्यादा गिरफ्तारियां।
- जांच भटकाने की आशंका: मुख्य आरोपियों को बचाने के लिए सटोरियों के आत्मसमर्पण का गेम प्लान।
- राजनीतिक कनेक्शन: दोनों प्रमुख दलों के युवा नेताओं के साथ व्यापारिक साझेदारी की चर्चा।
- सोशल मीडिया वॉर: पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं के बीच शुरू हुआ फोटो और कमेंट वॉर।
भूपेश बघेल के पोस्ट से छिड़ा सियासी जंग, आरोप-प्रत्यारोप का दौर
यह मामला अब रायगढ़ की सीमाओं से निकलकर प्रदेश स्तर की राजनीति का अखाड़ा बन चुका है। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने फेसबुक अकाउंट पर करन अग्रवाल की भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें साझा कर निशाना साधा। इसके जवाब में रायगढ़ भाजपा अध्यक्ष और अन्य नेताओं ने भी कमेंट बॉक्स में करन चौधरी की कांग्रेस नेताओं के साथ तस्वीरें पोस्ट कर दीं। इस फोटो वॉर ने मामले को राजनीतिक रूप से पूरी तरह गरमा दिया है।
दबाव के बावजूद पुलिस कप्तान का कड़ा रुख, आम जनता को भरोसा
सूत्रों के अनुसार, हाई-प्रोफाइल कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिशें भी की गईं। हालांकि, रायगढ़ पुलिस कप्तान की कार्यशैली पर सवाल उठाना गलत होगा। जब से उन्होंने जिले की कमान संभाली है, ऑनलाइन सट्टा, कबाड़ और अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं। कई संगीन मामलों में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है, जिससे आम जनता का पुलिस प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है।


